छत्तीसगढ़

श्री रमेन डेका माननीय राज्यपाल छत्तीसगढ़ का उदबोधन, पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर

पशुपालन को भी महत्व दे रहे हैं। एनडीडीबी से प्रदेश के मिल्क फेडरेशन का एमओयू होने के बाद तेजी से इस पर काम हो रहा है। ड्रोन दीदी को ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव करते देखना सुखद है। यह बताता है कि खेती काफी हाईटेक हो चुकी है और इसमें महिलाएं भी पीछे नहीं है।

हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाएं इस पैसे से अपनी जरूरत पूरा करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई और भविष्य में निवेश कर रही है।

प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।

हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य कर रही है। तरक्की की राह पर सबको जोड़ने के उद्देश्य से दिव्यांगजनों की बेहतरी के लिए भी अनेक निर्णय लिये गये हैं। दिव्यांगजनों के हित में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की बकाया ऋण राशि एकमुश्त वापस की गई, ताकि निगम द्वारा दिव्यांगजनों को शिक्षा एवं स्वरोजगार के लिए 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रधानमंत्री जी की फ्लैगशिप योजनाएं किस तरह आपस में समन्वय से काम करती हैं इसका सुंदर उदाहरण प्रधानमंत्री आवास योजना है। प्रदेश में हमने 18 लाख आवास मंजूर किये, इन घरों में Centering लगनी थी। इनकी Supply Self Help Groups ने की, हमारी 8 हजार से अधिक Self Help Group की बहनें इस योजना के लिए Centering तथा निर्माण सामग्री की Supply में लगी और ऐसा करते हुए वे लखपति दीदी बन चुकी हैं।

सम्मानित अटल जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया है। वे सुशासन को सबसे ज्यादा महत्व देते थे। हमारी सरकार ने सुशासन को हर स्तर पर अपनाया है। E-Office के आ जाने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है तथा निर्णय लेने की गति तेज हुई है। Biometric System से सरकारी कामकाज बेहतर हो रहा है।

मोदी जी ने वर्ष 2070 तक Zero carbon emissions का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ इस उद्देश्य को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। हमारे यहां तेजी से Green energy को अपनाया जा रहा है। ग्रीन स्टील के निर्माण में हमारी अग्रणी भूमिका होगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।

भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे हैं। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा। पानी की हर बूंद को बचाने के लिए हम शहरों में वाटर हारवेस्टिंग का काम प्राथमिकता से कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन मोड पर भू-जल संवर्धन के लिए स्ट्रक्चर बनाए हैं। 2 सालों में एक हजार से अधिक नये तालाब खोदे गये तथा 5 हजार से अधिक तालाबों का रिनोवेशन किया गया है। अमृत सरोवर योजना फेस-2 के तहत 10 हजार से अधिक डबरी तथा 72 सरोवर बनाये गये हैं। पानी के विवेकपूर्ण

इस्तेमाल पर जितनी ज्यादा जागरूकता बढ़ेगी, हम जल संकट से उतना ही दूर रहेंगे। तालाब और डबरी निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। विशेषकर हम बड़े किसानों को अपने खेतों में तालाब निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण आज के समय की अहम समस्या है। माइक्रो प्लास्टिक का प्रदूषण इस सीमा तक पहुंच गया है कि रिसर्च में माँ के दूध में भी इसके कण मिले हैं। इस गंभीर समस्या का सामना करने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। प्लास्टिक के उपयोग के खतरों के संबंध में लगातार जागरूकता अभियान शासन द्वारा चलाये जा रहे हैं। इन अभियानों का अच्छा असर हो रहा है और लोग अब इनके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं।

बीते एक दशक में प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देश की सूरत को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के माध्यम से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के संबंध में अग्रणी रहने की ललक बढ़ी है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रायपुर को प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला और गार्बेज फ्री सिटीज की रेटिंग में 7 स्टार मिला। तीन लाख से

दस लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बिल्हा को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला। यह गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बिल्हा की स्वच्छता दीदियों की प्रशंसा की।

आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं तथा इसके उपचार की सफलता दर 90 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है।

हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से उबरने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है।

राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।

गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नये संकल्प लेने का भी दिन होता है। आइये यह संकल्प लें कि विकसित छत्तीसगढ निर्माण में अपनी पूरी भागीदारी देंगे।

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