दंतेवाड़ा में विकास निधि और मेडिकल कॉलेज फंड पर सवाल, प्रशासन पर सौतेले व्यवहार का आरोप |
दंतेवाड़ा।
जिले की ग्राम पंचायतों की उपेक्षा और विकास कार्यों के ठप पड़े हालात के खिलाफ बुधवार को जिला सरपंच संघ दंतेवाड़ा ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।
इस दौरान सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र भास्कर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामों की समस्याओं को लेकर पूर्व कलेक्टर कुणाल दुदावद से कई बार मुलाकात की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से ग्राम पंचायतों को कोई फंड नहीं दिया गया, जबकि यह कहकर टालमटोल किया जा रहा है कि जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि मेडिकल कॉलेज निर्माण में खर्च की जा रही है।
संघ ने सवाल उठाया कि जब दंतेवाड़ा सहित तीन अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज केंद्र व राज्य सरकार की सहायता से बने हैं, तो फिर केवल दंतेवाड़ा जिले के विकास फंड पर ही रोक क्यों लगाई गई?
सरपंच संघ ने यह भी कहा कि सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा द्वारा भी मेडिकल कॉलेज के कारण फंड उपलब्ध न होने की बात कही गई, लेकिन संघ यह जानना चाहता है कि मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत केंद्र व राज्य की राशि आखिर कहां खर्च की गई?
इसका स्पष्ट जवाब प्रशासन को जनता के सामने देना चाहिए।
ये हैं सरपंच संघ की 8 प्रमुख मांगें |
जिले की सभी 169 ग्राम पंचायतों को 20 से 30 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य तत्काल स्वीकृत किए जाएं।
मेडिकल कॉलेज (घोषणा वर्ष 2021-22) के लिए केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
सभी पहुंचविहीन वार्डों में मिट्टी-मुरूम सड़क निर्माण की स्वीकृति दी जाए।
किसानों को तार फेंसिंग एवं बोर खनन में अंशदान राशि अधिकतम 10% तक सीमित की जाए।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में सिंचाई एवं जल संरक्षण सर्वे कर बड़े जलाशय, डबरी एवं तालाब स्वीकृत किए जाएं।
जिले के सभी पुराने डेम और तालाबों का तत्काल जीर्णोद्धार किया जाए।
ग्राम पंचायतों को देय मूलभूत राशि पूरी और बिना किसी कटौती के प्रदान की जाए।
सरपंचों का मानदेय 20,000 रुपये तथा वार्ड पंचों का मानदेय 5,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
सरपंच संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे |
ज्ञापन सौंपने के दौरान दंतेवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष जोगा मरकाम, गीदम ब्लॉक उपाध्यक्ष श्रीमती मालती इस्ताम, वरिष्ठ सरपंच घासीराम कश्यप, श्रीमती प्रमिला सुराना, श्रीमती संध्या शुक्ला, नंदू होड़ी, सीमा कोवासी, शैलेश अटामी, करण तामों, मोहन वेक, श्रीमती सावित्री कश्यप सहित जिले के बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है—या तो विकास को उसका हक मिलेगा, या फिर सड़क से सदन तक संघर्ष तेज होगा।




