छत्तीसगढ़

पेयजल संकट का स्थायी समाधान, प्रशासनिक तत्परता से मिली राहत

दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोण्डा अंतर्गत ग्राम माहरापारा में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का जिला प्रशासन की तत्पर पहल से स्थायी समाधान हो गया है। लगभग 450 की आबादी वाले इस ग्राम में लंबे समय से पेयजल के पर्याप्त स्रोत उपलब्ध नहीं थे। गांव में स्थापित दो हैंडपम्पों से अनियमित जलापूर्ति होती थी, वहीं पूर्व में खनित किए गए आठ नलकूप असफल पाए गए थे। सीमित जल उपलब्धता के कारण ग्रामीणों को बारी-बारी से पानी भरने की विवशता झेलनी पड़ती थी।

पेयजल संकट को देखते हुए पूर्व में हवा से पानी बनाने की मशीन भी स्थापित की गई थी, किंतु उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। समस्या के निराकरण हेतु ग्राम के महिला एवं पुरुष जनप्रतिनिधियों ने गत सप्ताह जिला कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर ने विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पी.एच.ई.) विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशानुसार पी.एच.ई. विभाग दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण एवं तकनीकी सर्वे किया गया। इसके पश्चात खनन मशीन के माध्यम से नया नलकूप खनन कराया गया, जो सफल रहा। नलकूप से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने से ग्रामवासियों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पी.एच.ई. विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है।

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