मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने समाज में फैली दहेज जैसी कुरीति पर सीधा प्रहार किया है। दशकों से चली आ रही दहेज प्रथा के खिलाफ खड़े होते हुए एक पिता ने मिसाल पेश की और अपने बेटे की शादी सिर्फ एक रुपये और नारियल में संपन्न कराई।
भिंड के खिड़किया मोहल्ले निवासी अनोज पाठक के बेटे आकर्ष पाठक का विवाह 5 फरवरी को शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में हुआ। शादी समारोह में जबलपुर से आए दुल्हन पक्ष के लोग शगुन और फलदान के साथ 51 लाख रुपये दहेज के रूप में लेकर पहुंचे थे। फलदान के दौरान यह रकम दूल्हे को दी गई, लेकिन तभी दूल्हे के पिता अनोज पाठक ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि शादी कोई लेन-देन या सौदा नहीं होती। अनोज पाठक ने 51 लाख रुपये लौटा दिए और सिर्फ एक रुपया और एक नारियल स्वीकार किया। इसी भेंट को स्वीकार करते हुए उन्होंने अपने बेटे का विवाह संपन्न कराया।
अनोज पाठक का कहना है कि उन्हें बहू नहीं, बेटी चाहिए। वे दहेज प्रथा के सख्त खिलाफ हैं और इसी सोच के साथ उन्होंने यह फैसला लिया। उनके इस कदम की पूरे समाज में जमकर तारीफ हो रही है।
दुल्हन अनिक्षा के साथ हुई यह शादी अब इलाके में एक मिसाल बन गई है।





