संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। सत्र के नौवें दिन भी लोकसभा की कार्यवाही सामान्य नहीं हो सकी। जैसे ही सदन शुरू हुआ, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर सांसद को नियमों के तहत अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन नारेबाजी और सदन की कार्यवाही बाधित करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है, न कि गतिरोध पैदा करने की जगह।
इस बीच राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर सकता है। सदन के भीतर विपक्षी सांसद “राहुल गांधी को बोलने दो” के नारे लगाते नजर आए और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
सदन की कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने एक अहम बैठक की, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के विकल्प पर भी विचार किया गया। कांग्रेस ने साफ कहा कि यदि राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया, तो संसद का सुचारू संचालन मुश्किल होगा और हंगामा जारी रहेगा।
इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ संसद पहुंचे। जब खरगे से पूछा गया कि क्या आज भी सदन की कार्यवाही बाधित रहेगी, तो उन्होंने कहा, “कौन कहता है कि आज सदन नहीं चलेगा?” उनके इस बयान को विपक्ष के रुख और रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर बजट सत्र में जारी यह गतिरोध सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव की तस्वीर पेश कर रहा है।





