दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की कुल संपत्ति में अब और तेज़ बढ़ोतरी होने वाली है। इसकी वजह है टेस्ला से जुड़ा उनका वर्ष 2018 का वेतन पैकेज, जिसे करीब सात साल बाद दोबारा बहाल कर दिया गया है। डेलावेयर में चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट ने मस्क के पक्ष में फैसला सुनाया।
यह वेतन पैकेज मूल रूप से 56 अरब डॉलर (लगभग 5,050 अरब रुपये) का था, लेकिन मौजूदा शेयर कीमतों के हिसाब से इसकी वैल्यू कहीं ज्यादा हो गई है। अदालत ने अपने सर्वसम्मत फैसले में कहा कि मस्क ने इस मुआवजा योजना के तहत तय सभी लक्ष्यों को पूरा किया और उनके नेतृत्व में कंपनी तथा शेयरधारकों को बड़ा लाभ मिला।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्लूमबर्ग का अनुमान है कि शेयर मूल्य में बढ़ोतरी के बाद यह पैकेज अब लगभग 140 अरब डॉलर (करीब 12,500 अरब रुपये) के बराबर हो सकता है। इस फैसले के साथ ही राज्य की चांसरी कोर्ट के पहले के आदेश को पलट दिया गया है, जिसने इस भुगतान पर रोक लगाई थी।
दरअसल, एक निवेशक द्वारा दायर मुकदमे के बाद 2018 की इस मुआवजा योजना को रोक दिया गया था। अब नई अदालत के आदेश से मस्क दोबारा इस पैकेज के हकदार बन गए हैं। इसका सीधा असर उनकी कुल संपत्ति पर पड़ेगा, जो हाल ही में स्पेसएक्स के नए मूल्यांकन के बाद पहले ही 684 अरब डॉलर (करीब 61,570 अरब रुपये) से ज्यादा आंकी जा चुकी है।
इस फैसले के बाद एलन मस्क की दौलत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।





