छत्तीसगढ़

समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से खेती-किसानी को मिला नया संबल

राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिले के नानगुर एवं बड़ेमुरमा धान खरीदी केन्द्रों में धान विक्रय करने पहुँचे किसानों ने खरीदी व्यवस्था में हुए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, समय पर तौल, श्रमिकों की व्यवस्था तथा सुचारू परिवहन के कारण उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है।

 

जगदलपुर विकासखंड के ग्राम अलनार निवासी कृषक श्री सोनधर बघेल ने बताया कि उन्होंने नानगुर धान खरीदी केन्द्र में 68 क्विंटल धान का विक्रय किया है। समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने अपने खेत की मरम्मत करवाई है, जिससे आगामी सीजन में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। वहीं नानगुर निवासी कृषक श्री राजाराम कश्यप ने बताया कि उन्होंने अब तक 90 क्विंटल धान का विक्रय किया है तथा फसल ऋण लिंकिंग के अंतर्गत लगभग दो लाख रुपये की राशि जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि नलकूप की सुविधा से वे रबी मौसम में दो एकड़ रकबे में गेहूं एवं साग-सब्जी की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

 

इसी प्रकार बड़ेमुरमा धान खरीदी केन्द्र में बड़ेबोदल निवासी कृषक श्री पवन बघेल ने बताया कि उन्होंने 66 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त किया है और निर्धारित तिथि पर सुबह धान लेकर केन्द्र पहुँचे। उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्र में बारदाना, तौल की सुविधा एवं हमालों की उपलब्धता से प्रक्रिया तेज और आसान हुई है। बड़ेमुरमा निवासी कृषक श्री शिवदास सेठिया ने भी खरीदी व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए बताया कि वे लगभग 10 एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं और इस वर्ष 106 क्विंटल धान विक्रय के लिए केन्द्र में लाए हैं।

 

नानगुर धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी श्री बी.आर. नाग ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन के दौरान बारदाना, परिवहन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ पर्याप्त रूप से सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसानों को तौल एवं भुगतान से संबंधित सभी जानकारी पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। केन्द्र में कुल 670 किसानों का पंजीयन हुआ है, जिनमें से अब तक 190 से अधिक किसान लगभग 11,000 क्विंटल धान का विक्रय कर चुके हैं।

 

वहीं बड़ेमुरमा धान खरीदी केन्द्र प्रभारी श्री देवेन्द्र सेठिया ने बताया कि केन्द्र में कुल 901 किसान पंजीकृत हैं तथा अब तक 201 किसानों द्वारा लगभग 10,700 क्विंटल धान का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा खरीदी की सीमा बढ़ाए जाने से किसानों को समय पर टोकन मिल रहा है, जिससे धान खरीदी की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 

समर्थन मूल्य पर सुचारू धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को न केवल आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि वे रबी फसलों की ओर भी प्रोत्साहित हो रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

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