छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में चल रहे ‘पूना मार्गेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस पहल से प्रभावित होकर 7 महिला कैडर समेत कुल 26 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा झटका माना जा रहा है।
अलग-अलग स्तर के नक्सलियों ने डाला हथियार
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी विभिन्न संगठनों और क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं, जिनमें PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) शामिल हैं।
रैंक के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में—
CYPCM: 1
DVCM: 1
PPCM: 3
ACM: 3
पार्टी सदस्य: 18
पूना मार्गेम’ बना बदलाव की राह
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ये सभी माओवादी सुकमा, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। ‘पूना मार्गेम’ अभियान का उद्देश्य हिंसा की राह पर चल रहे युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अवसर देना है। आत्मसमर्पण करने वालों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा, आवास, शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा।
शांति की अपील
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने शेष माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





