
कुआंपारा बालूद |
गँगनादई मानस पढ़ीयार फदर बालूद ने निभाई मन्नत |
गोदावरी से पंचवटी तक किया पावन तीर्थयात्रा |
नितेश मार्क/भास्कर दूत
दंतेवाड़ा आस्था जब अडिग हो और संकल्प सच्चा, तो ईश्वर स्वयं राह बनाते हैं। ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण दंतेवाड़ा जिले के ग्राम बालपेट–खलेपारा से सामने आया है, जहां सत्संग रामायण मंडली एवं गंगनादई मानस मंडली, पढ़ियार पदर की सामूहिक श्रद्धा ने एक अनुपम धार्मिक यात्रा को जन्म दिया।
ग्राम में अचानक रात्रिकालीन बाढ़ आ जाने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बन गया था। उस कठिन समय में मंडली के सदस्यों ने प्रभु श्रीराम से सच्चे मन से प्रार्थना की कि यदि बाढ़ का संकट टल जाए, तो वे श्रीरामलला के दर्शन कर मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना, आरती एवं रामायण पाठ करेंगे। प्रभु की कृपा से बाढ़ का संकट शीघ्र ही समाप्त हो गया और श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत निभाने का संकल्प पूरा किया।
दिनांक 10 तारीख को दोनों मानस मंडलियों के लगभग 250 श्रद्धालु दंतेवाड़ा से पावन यात्रा पर निकले। सर्वप्रथम उन्होंने गोदावरी नदी में विधिवत स्नान किया। इसके पश्चात भद्राचलम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दिव्य दर्शन किए। आगे भगवान श्री रामचंद्र जी की दया दृष्टि से हम सभी प्रभु श्री रामचंद्र जी सीता माता लक्ष्मण जी पवनसुत हनुमान जी के दर्शन कर पंचवटी में रामचरितमानस सामूहिक रामायण पाठ, पूजा-अर्चना, भव्य आरती का आयोजन किया गया तथा प्रसाद ग्रहण किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्रीराम के चरणों में कृतज्ञता अर्पित की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए धन्यवाद दिया। पूजा उपरांत सभी ने प्रसाद एवं भोजन कर कुशल-मंगल गांव वापसी की।
इस ऐतिहासिक और भावनात्मक यात्रा का नेतृत्व मुख्य रूप से कल्याण सिंह ठाकुर, बीरबल सिंह ठाकुर, जगदीश सिंह ठाकुर एवं ललित सिंह ठाकुर ने किया। मंडली के समस्त सदस्यों ने इसे प्रभु श्रीराम की कृपा और ग्रामीण एकता का प्रतीक बताया।
यह यात्रा केवल तीर्थदर्शन नहीं, बल्कि विश्वास की विजय, मन्नत की पूर्ति और भगवान पर अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण बनी। ग्रामवासियों के लिए यह यात्रा सदैव स्मरणीय रहेगी, जहां संकट के समय प्रभु का स्मरण और कृपा का अनुभव हुआ।




