वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने इमिग्रेशन नीति को और कड़ा करते हुए बड़ा फैसला लिया है। 14 जनवरी 2025 को ट्रंप प्रशासन ने 75 देशों से आने वाले नागरिकों की वीजा प्रोसेसिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का ऐलान किया। यह प्रतिबंध 21 जनवरी से लागू होगा और इसे अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।
पब्लिक चार्ज की आशंका बनी वजह
इस फैसले के पीछे प्रशासन की दलील है कि इन देशों से आने वाले कुछ आवेदकों के अमेरिका में “पब्लिक चार्ज” यानी सरकारी सहायता पर निर्भर हो जाने की आशंका अधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए वीजा स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
अमेरिकी दूतावासों को सख्त निर्देश
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावासों को मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों के तहत ऐसे आवेदकों को वीजा देने से इनकार करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम ट्रंप के व्यापक इमिग्रेशन कैंपेन का हिस्सा माना जा रहा है, जो उन्होंने सत्ता संभालने के बाद से शुरू किया है।
पाकिस्तान शामिल, भारत बाहर
प्रतिबंधित देशों की सूची में ईरान, रूस, अफगानिस्तान, इराक, नाइजीरिया, ब्राजील, सोमालिया, मिस्र, थाईलैंड और यमन जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में पाकिस्तान का नाम भी है, जबकि भारत को इस फैसले से बाहर रखा गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल उन लोगों को रोकने के लिए करेगा, जो देश की वेलफेयर प्रणाली का गलत फायदा उठा सकते हैं।
नई स्क्रीनिंग गाइडलाइंस लागू
ट्रंप प्रशासन ने नवंबर 2024 में ही सभी अमेरिकी दूतावासों को पब्लिक चार्ज प्रावधान के तहत नई स्क्रीनिंग गाइडलाइंस लागू करने को कहा था। इसके तहत आवेदकों की उम्र, स्वास्थ्य, अंग्रेजी भाषा की दक्षता और दीर्घकालिक चिकित्सा जरूरतों जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
किन देशों पर लगा प्रतिबंध
इस फैसले के तहत जिन देशों के नागरिकों पर वीजा रोक लगाई गई है, उनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान, रूस, ईरान, ब्राजील, नाइजीरिया, थाईलैंड, सोमालिया, मिस्र, सीरिया, सूडान, युगांडा समेत कुल 75 देश शामिल हैं।





