बांग्लादेश की राजनीति की दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने राजधानी ढाका के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं।
Bangladesh Nationalist Party (BNP) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि खालिदा जिया को 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले 36 दिनों से उनका इलाज चल रहा था। पार्टी के अनुसार, फज्र (सुबह) की नमाज के तुरंत बाद उनका निधन हुआ। पार्टी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की अपील की है।
खालिदा जिया लंबे समय से लिवर सिरोसिस, मधुमेह, गठिया, किडनी, फेफड़े, दिल और आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में अटकलें थीं कि वह फरवरी में होने वाले आम चुनाव में एक बार फिर सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
राजनीतिक सफर और अहम सीट
खालिदा जिया ने बोगरा-7 सीट से नामांकन दाखिल किया था, जो BNP के लिए बेहद अहम मानी जाती है। यह सीट पार्टी के संस्थापक और उनके पति जियाउर रहमान का गृह क्षेत्र रही है। खालिदा जिया ने 1991, 1996 और 2001 में इसी सीट से जीत दर्ज की थी।
दो बार संभाला प्रधानमंत्री पद
खालिदा जिया ने 1991 से 1996 और फिर 2001 से 2006 तक दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और मुस्लिम दुनिया में बेनजीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास में दर्ज हैं।
उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।





