केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपने निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘जी राम जी’ योजना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का प्रतीक बताते हुए पंजाब को करप्शन से बुरी तरह ग्रसित राज्य करार दिया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार की ‘जी राम जी’ योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है।
मनरेगा पर गंभीर आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा को शुरू हुए लगभग 20 साल हो चुके हैं। इससे पहले भी कई रोजगार योजनाएं आईं, जिनका स्वरूप या नाम बदलता रहा। लेकिन मनरेगा समय के साथ भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई। मजदूरों की जगह मशीनों और ठेकेदारों से काम कराया गया, फर्जी मस्टर रोल बने और एक ही काम को बार-बार दिखाया गया। इन्हीं कारणों से पिछले एक साल से नई योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा था।
पंजाब को बताया करप्शन ग्रसित
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में आधे से ज्यादा गांवों का ऑडिट तक नहीं हुआ है और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं की जा रही। मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जबकि सरकार आंख मूंदे बैठी है।
‘जी राम जी’ योजना को बताया पारदर्शी
शिवराज सिंह चौहान ने ‘जी राम जी’ योजना को पारदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें खेती के बुवाई और कटाई के समय राज्यों को काम स्थगित करने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष ने बेवजह हंगामा किया, फिर भी उन्होंने मजबूती से सरकार का पक्ष रखा। पंजाब विधानसभा में इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाना उन्होंने संसदीय परंपराओं के खिलाफ और अमर्यादित बताया।
रोजगार और खर्च में बदलाव
उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन कर दी गई है। इसके लिए बजट प्रावधान भी किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर राशि और बढ़ाई जाएगी। साथ ही मनरेगा में सहायक स्टाफ को वेतन न मिलने की शिकायतों को देखते हुए प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
अमित शाह और मोहन यादव की सराहना
शिवराज सिंह चौहान ने अमित शाह और डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तेज गति और ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं। वहीं राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के बयानों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए।




