इंदौर। बैतूल जिले के छोटे गांव राखी की दुर्गा येवले ने दिव्यांगता को अपनी पहचान पर हावी नहीं होने दिया और भारतीय ब्लाइंड वुमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2025 में देश का नाम रोशन किया। कम उम्र में दृष्टिहीन होने के बावजूद दुर्गा ने महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ, इंदौर में 11वीं से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी की।
पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट उनके जुनून में शामिल हुआ। 2022 में दिव्यांग क्रिकेट कैंप में भाग लेने के बाद उनकी मेहनत रंग लाई। दुर्गा ने जिला, इंदौर टीम और फिर मध्यप्रदेश टीम में शानदार प्रदर्शन किया। केरल में खेले गए नेशनल टूर्नामेंट में मध्यप्रदेश ने 19 राज्यों की टीमों को हराकर चैंपियन का खिताब जीता, जिसमें दुर्गा का योगदान निर्णायक रहा।
उनकी लगातार मेहनत और उत्कृष्ट खेल ने उन्हें भारतीय ब्लाइंड वुमेंस क्रिकेट टीम में जगह दिलाई। वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और फाइनल में नेपाल को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुर्गा का सम्मान किया। दुर्गा अब पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका मानना है कि सही अवसर और मेहनत से कोई भी सीमा बाधा नहीं बन सकती।
इंदौर महेश दृष्टिहीन में दुर्गा ने प्रशिक्षण के दौरान टाइल्स के फर्श पर खेलकर चुनौतियों का सामना किया। मुंबई में नीता अंबानी, सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा से मुलाकात के दौरान उन्हें सम्मान और प्यार मिला। दुर्गा ने अन्य बच्चियों को भी प्रेरित किया कि मेहनत और हिम्मत से सफलता हासिल की जा सकती है।





