छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर के पद पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
एनएसजी में ग्रुप कमांडर का पद एसपी रैंक के समकक्ष माना जाता है। खास बात यह है कि जनवरी में उन्हें चयन ग्रेड मिलना था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें सेंट्रल डेपुटेशन पर यह महत्वपूर्ण पोस्टिंग मिल गई।
कई जिलों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला अब तक सुकमा, महासमुंद, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे बिलासपुर में प्रशिक्षु आईपीएस, अंबिकापुर में सीएसपी और सुकमा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं। वह नारायणपुर स्थित 16वीं बटालियन और कवर्धा बटालियन के कमांडेंट पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कौन हैं IPS जितेंद्र शुक्ला
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) के रहने वाले हैं। उनका जन्म 22 सितंबर 1983 को हुआ। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 243वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने। उन्होंने इलाहाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए तथा भूगोल में एमए किया।
छह साल की मेहनत के बाद मिली सफलता
जितेंद्र शुक्ला की यूपीएससी यात्रा आसान नहीं रही। शुरुआती प्रयासों में उन्हें असफलता मिली, लेकिन लगातार छह साल के कठिन परिश्रम के बाद उन्होंने 2012 की यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की। उनके वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य और भूगोल थे। यूपीएससी से पहले वे यूपीपीएससी के जरिए ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर भी चयनित हुए थे।
खेलों से भी खास लगाव
पेशेवर जीवन के साथ-साथ जितेंद्र शुक्ला खेलों में भी गहरी रुचि रखते हैं। नारायणपुर में कमांडेंट रहते हुए उन्होंने मलखंभ को विशेष रूप से बढ़ावा दिया, जिससे इस खेल को राष्ट्रीय पहचान मिली। इसके अलावा उन्हें क्रिकेट में भी खास दिलचस्पी है।





