रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेल जगत से एक अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर और डीएसपी रुस्तम सारंग ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए साफ किया कि अब वे खेल प्रशिक्षण, खिलाड़ियों की कोचिंग और किसी भी खेल गतिविधि से खुद को अलग कर रहे हैं।
रुस्तम सारंग का यह फैसला उनकी पोस्ट में झलकती पीड़ा को भी सामने लाता है। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगातार यह महसूस हो रहा है कि उनके 24 वर्षों के लंबे खेल अनुभव की अब न तो राज्य को जरूरत है और न ही समाज को। इसी उपेक्षा की भावना के चलते उन्होंने खेल जगत से दूरी बनाने का निर्णय लिया।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आज से वे सभी खेल प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों से संन्यास ले रहे हैं और भविष्य में किसी भी प्रकार की खेल संबंधी जिम्मेदारी में शामिल नहीं होंगे। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय जोहार” लिखते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं।
गौरतलब है कि रुस्तम सारंग छत्तीसगढ़ के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्हें राज्य के शीर्ष खेल सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार (2006-07), शहीद राजीव पाण्डेय खेल पुरस्कार (2007-08) और गुंडाधुर सम्मान (2009-10) शामिल हैं।
रुस्तम सारंग की प्रमुख खेल उपलब्धियां
2006: जूनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप – स्वर्ण पदक
2006: सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप – कांस्य पदक
2006: नेशनल गेम्स, गुवाहाटी – रजत पदक
2007: ऑल इंडिया पुलिस गेम्स – स्वर्ण पदक
2009: कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (मलेशिया) – स्वर्ण पदक
2011: वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप – स्वर्ण (ओलंपिक क्वालिफायर)
2014: वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप – स्वर्ण (ओलंपिक क्वालिफायर)
2015: केरल नेशनल गेम्स – स्वर्ण पदक
उनके संन्यास की घोषणा को छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि उनका अनुभव आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता था।





