बैलाडीला की दुर्गम पहाड़ियों के पीछे स्थित लावा-पुरेंगल क्षेत्र, जो कभी नक्सल प्रभाव के कारण प्रशासनिक पहुंच से दूर माना जाता था, अब बदलाव की राह पर दिखाई दे रहा है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गांव तक पहुंचे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं।
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल समेत प्रशासनिक टीम ने करीब 10 किलोमीटर का कठिन पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर गांव में प्रवेश किया। विधायक पारंपरिक लुंगी पहनकर ग्रामीणों से मिले, जिससे लोगों में अपनापन और भरोसे का माहौल बना।
दौरे के दौरान जरूरतमंद परिवारों को कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। बच्चों को किताबें और शैक्षणिक सामग्री भी दी गई। साथ ही गांव में हैंडपंप स्थापना, सड़क निर्माण और आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसे विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही ग्रामीणों की मांगों का सर्वे कर योजनाओं की प्रक्रिया शुरू की।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पहले सुरक्षा कारणों से ऐसे अंदरूनी इलाकों में जाना संभव नहीं था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
लावा-पुरेंगल की यह पैदल यात्रा केवल एक दौरा नहीं, बल्कि विकास, संवाद और विश्वास की नई शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है।





