शहरवासियों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। सरस्वती नगर रेलवे फाटक को रेलवे द्वारा फरवरी महीने से पूरी तरह बंद किया जाएगा। इसके बाद कोटा क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को जीई रोड तक पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
वैकल्पिक सड़क लगभग तैयार, कुछ काम बाकी
रेलवे ने सरस्वती नगर फाटक से आमानाका अंडरब्रिज तक आने-जाने के लिए करीब 6 मीटर चौड़ी और 600 मीटर लंबी कांक्रीट सड़क का निर्माण कराया है, जिस पर लगभग पौने दो करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि, इस मार्ग पर लगे बिजली के खंभों की शिफ्टिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सभी कार्य पूरे होने के बाद फरवरी के अंत तक फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।
ट्रेनों की आवाजाही से लगता है भारी जाम
सरस्वती नगर रेलवे फाटक मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित है। इस रूट से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण फाटक बार-बार बंद करना पड़ता है। इससे यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। फाटक बंद होने के बाद कोटा क्षेत्र की बड़ी आबादी और शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी आमानाका अंडरब्रिज होकर घूमकर आना-जाना होगा।
रेलवे अधिकारी का बयान
रेलवे के सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि, “फरवरी माह के अंत तक सरस्वती नगर फाटक बंद कर दिया जाएगा। वैकल्पिक सड़क बनकर तैयार है, सुरक्षा और कुछ अन्य कार्य शेष हैं। इनके पूरा होते ही फाटक को स्थायी रूप से बंद किया जाएगा।”
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी
रेलवे देशभर में ट्रेनों की गति बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग से लेकर दाधापारा तक रेलवे ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग लगाने का काम किया जा रहा है, ताकि मवेशियों के अचानक पटरी पर आने की घटनाएं रोकी जा सकें।





