राजकोट में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 के मुकाबले में बड़ौदा के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने विदर्भ के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला लिस्ट-A शतक जड़ा। पंड्या ने 68 गेंदों में शतक पूरा किया और 133 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 11 छक्के शामिल रहे।
बड़ौदा की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम 71 रन पर अपने 5 विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे मुश्किल हालात में पंड्या ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को संभालते हुए आक्रामक रुख अपनाया। उन्हें भाई क्रुणाल पंड्या (23 रन) और विष्णु सोलंकी (26 रन) से सीमित सहयोग मिला, लेकिन पंड्या ने अकेले दम पर स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।
मैच का सबसे रोमांचक पल 39वें ओवर में आया, जब पंड्या ने बाएं हाथ के स्पिनर पार्थ रेखड़े पर लगातार 5 छक्के और 1 चौका जड़ दिए। इसी ओवर में उन्होंने अपना शतक पूरा किया और दर्शकों को रोमांचित कर दिया। पंड्या ने पहले क्रुणाल के साथ 65 रनों की अहम साझेदारी की, फिर सोलंकी के साथ मिलकर तेजी से रन जोड़े।
पंड्या ने महज 44 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद गियर बदलते हुए गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। 46वें ओवर में यश ठाकुर ने उन्हें आउट किया, लेकिन तब तक पंड्या बड़ौदा को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। उनकी विस्फोटक पारी की बदौलत बड़ौदा ने 50 ओवर में 293 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
विदर्भ की ओर से यश ठाकुर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके। इसके बावजूद मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पंड्या की उस पारी की रही, जिसने एक बार फिर उनकी मैच-विनर क्षमता को साबित कर दिया।





