समाजसेवी अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है। वे 30 जनवरी 2026 से अपने गांव रालेगन सिद्धि में अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सरकार को सूचित भी किया है।
अन्ना हजारे का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने 2022 में लोकायुक्त बिल विधानसभा से और 2023 में विधान परिषद से पारित तो किया था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हुईं और आश्वासन भी मिला, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है।
अन्ना ने कहा कि देश कानून से चलता है और एक मजबूत लोकायुक्त कानून राज्य के लिए बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि जब तक यह कानून लागू नहीं होता, वे अपना अनशन जारी रखेंगे। 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि होने के कारण उन्होंने इसी दिन अनशन शुरू करने का निर्णय लिया।
अन्ना हजारे ने स्पष्ट कहा, “मेरी पूरी जिंदगी समाज और देश की भलाई के लिए समर्पित है। जब तक शरीर में प्राण हैं, समाज सेवा करता रहूंगा। अगर सशक्त लोकायुक्त कानून नहीं आया, तो जीने की इच्छा नहीं रहती।”
गौरतलब है कि अन्ना हजारे ने 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया था, जिसने जन लोकपाल बिल की मांग को पूरे देश में मजबूत समर्थन दिलाया था।





