राज्य स्तर पर हुआ सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के प्रसारण को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त मिशन संचालक श्री आरके झा, तथा राज्य स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से सुना। इसके साथ ही प्रदेशभर की लाखों स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भी इस एपिसोड को ब्लॉक, संकुल, ग्राम संगठन एवं समूह स्तर पर अत्यंत उत्साह के साथ सुना।
इस कार्यक्रम में टीआरआई में सलाहकार अन्नू सिंह ने नई चेतना अभियान के बारे में जानकारी दी। कांकेर की जयंती ने कहा कि महिला सिर्फ घर नहीं संभालती बल्कि समाज बदलने की ताकत भी रखती है। रायगढ़ की ग्राम तारापुर की मेनका सिदार ने अपनी सशक्तिकरण की कहानी बताई। महिला, किशोरी, बच्चों के साथ घरेलू हिंसा की स्थिति में सहयोग हेतु जेंडर पाईंट पर्सन या जीएमटी दीदी से संपर्क कर घटना से अवगत कराने एवं सलाह-निवारण हेतु आगे की प्रकिया सहित सखी मंच, संकुल स्तरीय एवं ग्राम संगठन, सामाजिक कार्यकारिणी समिति के साथ ही साथ जेंडर फोरम की भूमिका के बारे में भी बताया गया। संसाधन केंद्र पर जरूरत के आधार पर अन्य संस्थानों जैसे पुलिस, डब्लूसीडी वन स्टॉफ सेंटर, विधिक सेवा प्राधिकरण व अन्य विभाग इनमें रेफरल व काउंसलिंग के संबंध में जानकारी दी गयी। इसके साथ ही चिकित्सा सहायता के बारे में भी बताया गया एवं योजना के संबंध में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18002332398 पर काल करने के लिए भी बताया गया।
ग्रामीण महिलाओं ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से उन्हें सरकार की योजनाओं, आजीविका संवर्धन, नेतृत्व निर्माण और जेंडर समानता से जुड़े विषयों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
‘दीदी के गोठ’ का नियमित प्रसारण ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। कार्यक्रम न केवल महिलाओं को राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि समाज में बराबरी, सम्मान और आत्मनिर्भरता की सोच को भी प्रोत्साहित करता है। नई चेतना 4.0 अभियान और ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य समाज में सकारात्मक बदलाव, लैंगिक समानता और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सशक्त संदेश दिया।




