देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो लगातार आठवें दिन भी रद्द और देरी से उड़ानें संचालित कर रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। एनडीए सांसदों की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी नियम या कानून का उद्देश्य व्यवस्था को सुधारना होना चाहिए, न कि आम जनता के लिए परेशानी पैदा करना।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुधार ऐसे हों जो लोगों की जिंदगी आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि कानून जनता पर बोझ नहीं, बल्कि उनकी सुविधा का साधन होना चाहिए। साथ ही पीएम ने तीसरे कार्यकाल में विकास की गति और तेज़ करने की बात कही।
DGCA का कड़ा एक्शन
इंडिगो के संकट को देखते हुए डीजीसीए (DGCA) ने सख्त कदम उठाते हुए एयरलाइन को सभी सेक्टर्स में अपनी उड़ानों की संख्या 5% कम करने का निर्देश दिया है। साथ ही 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक नया शेड्यूल जमा करने को कहा गया है। डीजीसीए का कहना है कि इंडिगो अपने मौजूदा शेड्यूल को सुचारू रूप से संभालने में असफल रही है।
एयरपोर्ट्स का ग्राउंड इंस्पेक्शन
इंडिगो की ऑपरेशनल समस्याओं को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी एक्शन लिया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी—डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और ज्वाइंट सेक्रेटरी—देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। इनमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे एयरपोर्ट शामिल हैं।





