भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बार बजट का आकार करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
यह बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पहले कैबिनेट बैठक में बजट का प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें विकास योजनाओं पर विशेष जोर रहा। सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है।
बताया जा रहा है कि इस बार पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में वृद्धि की जाएगी, जिससे बुनियादी ढांचे, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।
16 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में इस बजट के अलावा कई अहम विधेयकों पर भी चर्चा होगी। यह मोहन सरकार का तीसरा प्रमुख बजट होगा, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम साबित होगा।





