सक्ती। वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी थी, वहीं शनिवार को इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही अब कुल मृतकों की संख्या 23 हो गई है। फिलहाल 12 घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी है।
घायलों का इलाज किन जगहों पर जारी
हादसे के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ और रायपुर के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में कुल 35 मजदूर घायल हुए थे। पहले 20 मजदूरों की मौत हो चुकी थी और 15 का इलाज चल रहा था, लेकिन अब तीन और मौतों के बाद 12 मजदूर उपचाराधीन हैं।
प्लांट प्रबंधन के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने लापरवाही मानते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
वहीं कांग्रेस द्वारा भेजे गए जांच दल ने आरोप लगाया कि प्लांट में क्षमता से अधिक बिजली उत्पादन की कोशिश की जा रही थी, जिसके चलते बॉयलर फट गया और कई मजदूरों की जान चली गई।
सरकार की ओर से उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी प्लांट का दौरा किया और घायलों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
पूरी घटना क्या थी
14 अप्रैल को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट हुआ था। इस हादसे में 35 कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए थे। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 15 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका इलाज बर्न केयर यूनिट में किया जा रहा था।
मुआवजा का ऐलान
कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया है।
वहीं सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।





