नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रही उन खबरों को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ₹500 और ₹1000 के बंद हो चुके नोटों को फिर से बदला जा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि ऐसा कोई भी नया निर्देश जारी नहीं किया गया है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने इन दावों को “फर्जी” (Fake) बताते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस तरह की कोई घोषणा नहीं की है।
क्या है मामला?
हाल ही में इंटरनेट पर कुछ मैसेज और खबरें तेजी से वायरल हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि नोटबंदी के समय के पुराने ₹500 और ₹1000 के नोट रखने वाले लोगों को उन्हें बदलने का एक और मौका दिया जा रहा है। इन संदेशों में दावा किया गया कि RBI ने इसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
PIB का आधिकारिक बयान
PIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर इन दावों को गलत बताया। PIB ने कहा, “कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बंद हो चुकी मुद्रा को बदलने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह दावा पूरी तरह फर्जी है। आरबीआई ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।”
सरकार ने यह भी कहा है कि मुद्रा और वित्तीय नियमों से जुड़ी जानकारी के लिए केवल RBI की आधिकारिक वेबसाइट ही भरोसेमंद स्रोत है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी संदेश को आगे न बढ़ाएं। ऐसे फर्जी संदेशों के जरिए ठगी की कोशिश की जा सकती है।
₹500 के नोट पर भी साफ स्थिति
हाल ही में यह अफवाह भी सामने आई थी कि ₹500 के नए नोट मार्च 2026 तक बंद कर दिए जाएंगे। इस पर भी PIB ने स्पष्ट किया है कि ₹500 के मौजूदा नोट पूरी तरह वैध हैं और उन्हें बंद करने की कोई योजना नहीं है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।





