सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तेज होते ही सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार को 22 माओवादी संगठन छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये सभी नक्सली जगरगुण्डा, पेद्दाबोडकेल और मोरपल्ली क्षेत्र में सक्रिय थे। इस सफलता में डीआरजी सुकमा, जिला बल सुकमा, रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) जगदलपुर तथा सीआरपीएफ की 02, 74, 111, 223, 227 बटालियन और कोबरा 201 वाहिनी की आसूचना शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संविधान की राह चुनी
आत्मसमर्पण करने वालों में कई मिलिशिया कमांडर, आरपीसी सदस्य, डीएकेएमएस पदाधिकारी और जनताना सरकार से जुड़े पदाधिकारी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि लगातार चल रहे अभियान और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
मिलेगा पुनर्वास योजना का लाभ
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसके अलावा उन्हें अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।





