सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी में निवेश तो देश में करोड़ों लोग करते हैं, लेकिन कुछ के लिए इसे हमेशा जारी रखना संभव नहीं होता. कभी त्योहारों के खर्चे तो कभी शादी-ब्याह की जिम्मेदारी और कभी मेडिकल खर्चों की वजह से एसआईपी की ईएमआई दो या तीन महीने के लिए मिस हो जाती है. एसआईपी के नियमों के तहत इसमें ईएमआई को पॉज करके दोबारा शुरू किया जा सकता है. यही वजह है कि ज्यादातर निवेशक इसे गंभीर नहीं मानते और उन्हें लगता है कि सिर्फ दो-तीन महीने ईएमआई नहीं देने से कुछ हजार का ही नुकसान होगा. लेकिन, अगर आपसे कहें कि महज तीन महीने की ईएमआई रोकने से ही आपको 50 लाख से एक करोड़ तक का नुकसान हो सकता है तो पैर के नीचे से जमीन खिसक जाएगी.
मान लीजिए कि आपने 20 हजार रुपये की एसआईपी शुरू की है और किसी कारणवश आप 2 से 3 महीने की ईएमआई मिस कर जाते हैं. आपको तो यही लगता होगा कि एसआईपी में 40 से 60 हजार रुपये का निवेश कम होगा. इससे सिर्फ कुछ हजार रुपये के ब्याज का ही नुकसान होगा. लेकिन, ऐसा नहीं है. यह छोटा सा ब्रेक आपके निवेश को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है. वह भी आपकी सोच से ज्यादा. अगर कहें कि 60 हजार की एसआईपी मिस करने से आपको 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक नुकसान हो सकता है तो एकबारगी यकीन ही नहीं होगा. चलिए, सामान्य नियम से समझाते हैं.
तीन महीने भी मिस कर गए 20 हजार की एसआईपी तो 2 करोड़ रुपये का हो सकता है नुकसान, समझें निवेश का ये फंडा
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