गाँव का संपर्क टूटा — स्कूली बच्चों की जान जोखिम में, अधिकारी मौन |
नितेश मार्क /रिपोर्ट
दंतेवाड़ा जिले के ग्राम जारम के नंदीपारा स्थित फुलिया बाड़ में बनी पुलिया बह जाने से पूरे इलाके में भारी संकट खड़ा हो गया है। पुलिया टूटने के कारण गाँव का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बहने के बाद से वे कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सूचना दे चुके हैं, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुँचा और न ही किसी तरह की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की गई। बरसात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नंदीपारा के ग्रामीणों में प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होगा, तब तक शायद प्रशासन नींद से नहीं जागेगा। पुलिया बह जाने से मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल पहुँचना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो गया है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आँख मूंदे बैठे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
अब ग्रामीणों की एक ही माँग है कि तत्काल नई पुलिया का निर्माण कराया जाए या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि नंदीपारा के लोग सुरक्षित जीवन जी सकें। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है, या फिर यह खबर भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।




