नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कार खरीदने वालों को झटका लगा है। 1 जनवरी 2026 से भारत में कई प्रमुख ऑटो कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। भले ही साल की शुरुआत में जीएसटी राहत से ग्राहकों को कुछ फायदा मिला था, लेकिन अब कीमतें बढ़ने से वह राहत काफी हद तक कम हो गई है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत, लॉजिस्टिक्स खर्च और रुपये की कमजोरी इसकी बड़ी वजह है।
लग्जरी कारें भी हुईं महंगी
लग्जरी सेगमेंट में Mercedes-Benz ने अपनी पूरी कार रेंज की कीमतों में करीब 2 फीसदी तक इजाफा किया है। कंपनी के मुताबिक कच्चे माल की कीमत और यूरो के मुकाबले रुपये की गिरावट से लागत बढ़ी है। वहीं BMW ने भी जनवरी 2026 से एक बार फिर कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका असर 3 सीरीज जैसी लोकप्रिय गाड़ियों पर पड़ा है, हालांकि पहले की तुलना में यह बढ़ोतरी सीमित रखी गई है।
इलेक्ट्रिक और सस्ती कारों पर भी असर
इलेक्ट्रिक कार निर्माता BYD ने अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV Sealion 7 की कीमतें बढ़ा दी हैं। हालांकि 31 दिसंबर 2025 से पहले बुकिंग कराने वालों को पुरानी कीमत का फायदा मिला। इसके अलावा MG Motor ने पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक—तीनों सेगमेंट की कारों की कीमतें करीब 2 फीसदी तक बढ़ा दी हैं। MG Windsor EV और Comet EV जैसी किफायती इलेक्ट्रिक कारें भी अब महंगी हो गई हैं।
आम खरीदारों की कारों की कीमत भी बढ़ी
बजट सेगमेंट में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। Nissan ने जनवरी 2026 से अपनी कारों के दाम 3 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं, जिससे Magnite जैसी किफायती SUV पर असर पड़ा है। Honda ने भी लागत बढ़ने का हवाला देते हुए कीमतों में बदलाव की पुष्टि की है। वहीं Renault ने Kwid, Triber और Kiger जैसी पॉपुलर बजट कारों की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, 2026 की शुरुआत कार खरीदारों के लिए महंगी साबित हो रही है, चाहे वह लग्जरी कार हो या आम आदमी की बजट गाड़ी।





