नए साल की शुरुआत आमतौर पर छूट और ऑफर्स लेकर आती है, लेकिन जनवरी 2026 में टीवी खरीदना जेब पर भारी पड़ सकता है। इंडस्ट्री संकेतों के मुताबिक, एलईडी और स्मार्ट टीवी की कीमतों में जनवरी से 3–4 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि कुछ ब्रांड्स में यह इजाफा और ज्यादा रहने की आशंका है। इसकी दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं—भारतीय रुपये की कमजोरी और मेमोरी चिप्स की वैश्विक कमी।
कमजोर रुपया बढ़ा रहा लागत
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जिससे आयात महंगा पड़ रहा है। टीवी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अहम पुर्जे—जैसे ओपन सेल पैनल, सेमीकंडक्टर चिप्स और मदरबोर्ड—अधिकतर विदेशों से आते हैं। रुपये के गिरने से इन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ी है, जिसका असर सीधे टीवी की कीमतों पर पड़ रहा है।
मेमोरी चिप की कमी से दबाव
दूसरी बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की कमी है। एआई सर्वर्स के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की मांग अचानक बढ़ने से चिप निर्माता कंपनियां उसी सेक्टर पर फोकस कर रही हैं। नतीजतन टीवी, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली DRAM और फ्लैश मेमोरी की सप्लाई घटी है और दाम तेज़ी से बढ़े हैं।
इंडस्ट्री का इशारा: बढ़ोतरी तय
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में जनवरी से टीवी के दाम बढ़ना लगभग तय है। कुछ कंपनियां डीलर्स को संभावित मूल्य वृद्धि का संकेत भी दे चुकी हैं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो कुछ मॉडलों में 7–10 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव है।
ग्राहकों के लिए सलाह
अगर आप नया टीवी लेने की सोच रहे हैं, तो दिसंबर में खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। नए साल में दाम बढ़ने पर बजट पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, कमजोर रुपया और चिप संकट का डबल असर टीवी बाजार को महंगा बना सकता है।





