नई दिल्ली। वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारों साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि कम उम्र में अत्याचार के खिलाफ खड़े होकर उन्होंने भारत के अदम्य साहस और शौर्य की मिसाल कायम की। उन्होंने भरोसा जताया कि Gen Z और Gen Alpha ही आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र के लक्ष्य तक पहुंचाएंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों का बलिदान क्रूर मुगल शासन के विरुद्ध सत्य और साहस की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। देश आज उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने बहुत कम उम्र में भी मजहबी कट्टरता और आतंक के सामने झुकने से इनकार कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साहिबजादों ने उम्र और परिस्थिति की सीमाओं को तोड़ते हुए अन्याय के खिलाफ चट्टान की तरह डटकर मुकाबला किया। उस दौर के मुगल सम्राट औरंगज़ेब की क्रूरता भी उनके संकल्प को डिगा नहीं सकी। उन्होंने कहा कि माता गुजरी जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और चारों साहिबजादों का साहस आज भी हर भारतीय को प्रेरणा देता है।
पीएम मोदी ने कहा कि साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह का संघर्ष सत्ता के लिए नहीं, बल्कि भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच टकराव था। यह सत्य और असत्य की लड़ाई थी, जिसमें सत्य की विजय हुई।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 26 दिसंबर को साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा 2022 में की गई थी। इसका उद्देश्य देशभर के नागरिकों, विशेषकर युवाओं, को साहिबजादों के अदम्य साहस और बलिदान से जोड़ना है।
उन्होंने गुलामी की मानसिकता पर भी प्रहार करते हुए कहा कि भारत ने संकल्प लिया है कि अपने नायकों और उनके बलिदानों को अब हाशिये पर नहीं डाला जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि औपनिवेशिक सोच के कारण लंबे समय तक देश की वीर गाथाओं को दबाया गया। उन्होंने 19वीं सदी में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली से जुड़े थॉमस बैबिंगटन मैकाले का उल्लेख करते हुए कहा कि 2035 तक भारत इस मानसिकता से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
Gen Z और Gen Alpha की भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आपकी क्षमता और आत्मविश्वास देखता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी पीढ़ी भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि हर साल देशभर से उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।





