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ऑस्कर की दौड़ में ‘होमबाउंड’: विशाल जेठवा बोले—यह किसी सपने जैसा

ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर अभिनीत फिल्म होमबाउंड ने भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स के बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में टॉप 15 शॉर्टलिस्ट फिल्मों में जगह मिली है। इस उपलब्धि पर एक्टर विशाल जेठवा भावुक नजर आए।

विशाल जेठवा ने जताई खुशी

फिल्म के शॉर्टलिस्ट होने पर विशाल जेठवा ने कहा कि यह पल उनके लिए किसी सपने जैसा और बेहद विनम्र कर देने वाला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी फिल्म ऑस्कर तक पहुंचेगी। दुनिया भर के दर्शकों से मिले प्यार और समर्थन के लिए उन्होंने आभार जताया।

टीम को दिया श्रेय

विशाल ने फिल्म के निर्माता करण जौहर का खास तौर पर धन्यवाद किया, जिन्होंने कहानी और कलाकारों पर भरोसा किया। साथ ही निर्देशक नीरज घायवान की संवेदनशीलता और ईमानदार दृष्टिकोण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीरज के साथ काम करना उनके लिए एक बदल देने वाला अनुभव रहा। इसके अलावा, सह-कलाकार ईशान खट्टर के जुनून और मेहनत को भी उन्होंने फिल्म की ताकत बताया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान

ऑस्कर शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर ‘होमबाउंड’ ने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी को और मजबूत किया है। इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में कुल 15 फिल्मों का चयन हुआ है, जिनमें से आगे चलकर केवल 5 को फाइनल नॉमिनेशन मिलेगा। नॉमिनेशन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को होगी, जबकि ऑस्कर समारोह 15 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।

पहले भी बटोर चुकी है तारीफ

इससे पहले फिल्म को कई प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना मिल चुकी है। 50वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में यह इंटरनेशनल पीपुल्स च्वाइस अवॉर्ड की रेस में दूसरे स्थान पर रही थी। वहीं, कान्स फिल्म फेस्टिवल के प्रीमियर में फिल्म को 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। इस साल कान्स में भारत की ओर से यह एकमात्र फीचर फिल्म थी, जिसका वर्ल्ड प्रीमियर ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में हुआ।

कहानी की झलक

‘होमबाउंड’ दो दोस्तों की कहानी है, जो उत्तर भारत के एक छोटे से गांव से आते हैं और पुलिस की नौकरी पाने का सपना देखते हैं। जैसे-जैसे वे अपने लक्ष्य के करीब पहुंचते हैं, उनकी चुनौतियां बढ़ती जाती हैं। यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है, जिसका उल्लेख पहली बार पत्रकार बशारत पीर ने 2020 में न्यूयॉर्क टाइम्स के एक निबंध में किया था।

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