छत्तीसगढ़

जमीन घोटाला मामले में बड़ा एक्शन, दो पटवारी सस्पेंड, 7 से अधिक पटवारियों का तबादला

छत्तीसगढ़ में एनडीटीवी की खबर का बड़ा असर हुआ है. छत्तीसगढ़ जमीन घोटाला मामले में दुर्ग जिले में पदस्थ दो पटवारी को निलंबित कर दिया गया है. सात से अधिक पटवारी का तबादला आदेश जारी हुआ है. एनडीटीवी पर 25 जुलाई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद यह बड़ा एक्शन हुआ है.

शासकीय जमीन की हेराफेरी
एनडीटीवी की पड़ताल में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर शासकीय जमीनों को निजी लोगों के नाम दर्ज कर घोटाले किए जा रहे हैं. एनडीटीवी की टीम ने दुर्ग जिले के मुरमुंदा पटवारी हल्के के चार गांव में ही करीब 500 एकड़ जमीनों के घोटाले का पर्दाफाश किया था. प्रशासन की जांच में पता चला कि मुरमुंदा के अलावा पाटन पटवारी हल्के के भी दो गांव मोतीपुर और सकरा में इसी तरह की गड़बड़ी की गई है.

निजी लोगों के नाम जारी कर दिया खसरा नंबर
दोनों ही पटवारी हल्का में करीब 765 एकड़ शासकीय व निजी भू स्वामी जमीनों का बोगस खसरा नंबर जारी कर निजी लोगों के नाम पर चढ़ा दिया गया है. मुरमुंडा पटवारी हल्के के आछोटी गांव की शासकीय जमीनों पर दो व्यक्तियों के नाम लाखों रुपए लोन भी जारी कर दिए गए हैं.

एनडीटीवी ने अपनी पड़ताल में बताया था कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नंदनी टाउनशिप ब्रांच से दीनू राम यादव (पिता सूरज यादव) को 45 लाख रुपये शाशकीय जमीन को बंधक रख लोन जारी किया गया है. एसबीआई की कुम्हारी ब्रांच ने शाशकीय जमीन को बंधक रख 36 लाख रुपये एसराम पिता बुधराम को लोन जारी कर दिया गया है. इस मामले में बैंक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.

दो पटवारी निलंबित
दुर्ग संभाग के आयुक्त एस एन राठौर ने बताया कि NIC की जांच में पता चला है कि मुरमुंदा पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा और पाटन पटवारी मनोज नायक की आईडी से गड़बड़ी हुई. इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है. जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में FIR भी दर्ज करवाई जाएगी. इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों की भूमिका संदिग्ध है.

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