नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोने का भाव 4,300 रुपये टूटकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 10,000 रुपये सस्ती होकर 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना है।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत करीब 3 प्रतिशत गिरकर 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इससे पहले इसका भाव 1,60,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2,45,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया, जो पहले 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम था।
कच्चे तेल और डॉलर का असर
पीएल वेल्थ के प्रोडक्ट एंड फैमिली ऑफिस हेड राजकुमार सुब्रमण्यन ने कहा, “बुधवार को सोने की कीमतों में अचानक बदलाव आया. इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना था, जिससे कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई और डॉलर मजबूत हो गया।”
उन्होंने आगे कहा, “ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी ने लगातार बनी रहने वाली महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं, जिससे कीमती धातुओं का आकर्षण कम हो गया है।”
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 90.53 डॉलर या 2.13 प्रतिशत गिरकर 4,168.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.87 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई. डॉलर के मजबूत होने और US ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में कमी आई. जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई की चिंताओं के बीच इन वजहों से बुलियन (सोने-चांदी) के प्रति आकर्षण कम हुआ।”
गोल्ड ETF से निकले 725 करोड़ रुपये
कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच गोल्ड ETF में निवेश का रुझान भी कमजोर पड़ा है। मई महीने में गोल्ड ETF से 725 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई, जिससे लगातार 13 महीनों से जारी निवेश का सिलसिला टूट गया। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से सोना खरीदने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह और कुछ एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा नए निवेश पर रोक लगाने का असर भी देखने को मिला।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में गोल्ड ETF में 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया था, जबकि मई में 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इसके बावजूद मई 2025 से अब तक गोल्ड ETF में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दर्ज किया जा चुका है।





