नई दिल्ली. भारत सरकार ने चांदी के आयात पर अपनी सख्ती और बढ़ा दी है. रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ते आयात और विदेशी मुद्रा पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने अब चांदी के कुछ और उत्पादों को ‘रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी’ में डाल दिया है. इसका मतलब यह है कि अब आयातकों को चांदी की कुछ श्रेणियों को विदेश से मंगाने के लिए पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत में निवेश के लिए चांदी खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है. बीते वित्त वर्ष में देश का चांदी आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. सरकार का मानना है कि बढ़ते आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है, खासकर तब जब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण आयात बिल पहले से ही बढ़ा हुआ है.
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, चांदी के ग्रेन, पाउडर और अन्य रूप, जिनमें 99.9 फीसदी चांदी मौजूद है, अब प्रतिबंधित श्रेणी में रखे गए हैं. इन उत्पादों का आयात करने के लिए अब आयातकों को पहले से वैध आयात प्राधिकरण (Import Authorisation) हासिल करना होगा. बिना मंजूरी के इनका आयात नहीं किया जा सकेगा




