देश

केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, अहमदाबाद मेट्रो के नए कॉरिडोर को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें अहमदाबाद मेट्रो फेज-2ए परियोजना भी शामिल है।

कैबिनेट की मंजूरी के तहत अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए में 6.032 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग पर कुल पांच स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें चार एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल होगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि फेज-2ए के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 77.63 किलोमीटर हो जाएगी। नए कॉरिडोर में आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना की कुल लागत, जिसमें निर्माण अवधि का ब्याज भी शामिल है, 2,169.04 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एयरपोर्ट तक मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

इस विस्तार परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और परिवहन केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है। नए कॉरिडोर के माध्यम से एयरपोर्ट तक सीधी और सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहर में आवागमन और अधिक आसान होगा।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के निर्माण चरण के दौरान करीब 2,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं संचालन और रखरखाव के दौरान लगभग 500 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर परिवहन सुविधा से लोगों का यात्रा समय कम होगा और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन तथा बस टर्मिनल जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान होगी। इससे उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

ट्रैफिक और प्रदूषण में आएगी कमी

मेट्रो विस्तार के बाद सड़क यातायात पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे ट्रैफिक जाम घटेगा, यात्रा समय कम होगा और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।

इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि होने से जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण को लाभ मिलेगा।

सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण परियोजना

सरकार का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे परिवहन असमानता कम होगी और लोगों की जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts