छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मेढ़की गांव ने आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए एक अलग ही पहल की है। गांव में बढ़ती चुगली और आपसी विवादों को रोकने के लिए ग्रामीणों ने ग्रामसभा में सर्वसम्मति से सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है।
गुरुवार सुबह आयोजित ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति किसी की बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करता है या इधर-उधर फैलाकर विवाद की स्थिति पैदा करता है, तो उस पर 5 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी प्रवृत्तियों से गांव का माहौल खराब होता है और रिश्तों में दरार आती है।
इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रमों में शराब पीकर पहुंचने वालों पर भी 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि आयोजनों में अनुशासन और आपसी सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है।
गांव के लोगों का उद्देश्य स्पष्ट है—शांति, भाईचारा और एकता को मजबूत करना। उनका विश्वास है कि इस तरह के सामूहिक फैसले से नकारात्मक गतिविधियों पर रोक लगेगी और गांव का वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहेगा।





