जांजगीर-चांपा जिले के सिवनी नैला में मंगलवार दोपहर एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। 15 दिन की नवजात बच्ची को अचानक एक बंदर मां की गोद से छीनकर लेकर भागा। डरावनी स्थिति तब और बढ़ गई जब बच्ची बंदर के हाथ से फिसलकर पास के कुएं में गिर गई।
कैसे बची बच्ची
बताया जा रहा है कि मां अपनी बच्ची को घर के आंगन में दूध पिला रही थी, तभी एक बंदर आया और बच्ची को पकड़कर भागने लगा। तब मां ने शोर मचाया, जिस पर ग्रामीण और परिवार के सदस्य बंदर का पीछा करने लगे। जब बंदर पेड़ पर चढ़ा, तभी बच्ची बंदर के हाथ से फिसलकर कुएं में गिर गई। लेकिन बच्ची डाइपर में लिपटी होने के कारण पानी में तैरती रही।
नर्स और ग्रामीणों की तत्परता ने बचाई जान
कुएं में बच्ची को देखकर ग्रामीणों ने बाल्टी और रस्सी की मदद से उसे बाहर निकाला। बाहर निकालने पर बच्ची की सांसे नहीं चल रही थीं, इसी बीच गांव में भागवत सुनने आई एक नर्स ने बच्ची को तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही देर में बच्ची की सांसें लौट आईं। इसके बाद परिवार ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति स्थिर बताई और कहा कि कोई गंभीर चोट नहीं है।
परिजनों की प्रतिक्रिया
बच्ची के पिता अरविंद राठौर ने कहा कि गांव में बंदर अक्सर दिखाई देते हैं, लेकिन इस तरह का खतरनाक हादसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने सभी अभिभावकों से चेतावनी दी कि छोटे बच्चों को अकेला या असुरक्षित न छोड़ा जाए। उन्होंने ग्रामीणों और नर्स की तत्परता के लिए आभार जताया।





