ऋतु परिवर्तन के पावन पर्व बसंत पंचमी पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का अलौकिक वासंती श्रृंगार किया गया। तड़के चार बजे हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल को देवी स्वरूप में सजाया गया, जहां पूरा दरबार पीले रंग की आभा से जगमगा उठा।
बसंत पंचमी के अवसर पर भगवान महाकाल का केसरयुक्त पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद सरसों के फूलों और पत्तियों से उनका विशेष श्रृंगार हुआ। पीले वस्त्र, पीले पुष्प और सरसों की सजावट ने मंदिर परिसर को बसंती रंग में रंग दिया। इस दौरान केसरिया भात का भोग अर्पित कर विधिवत आरती की गई।
देशभर में बसंत पंचमी की धूम के बीच महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मान्यता है कि इसी दिन से महाकाल मंदिर के आंगन से होली पर्व की शुरुआत होती है। बसंत पंचमी पर बाबा को गुलाल अर्पित किया जाता है और फिर होली तक प्रतिदिन गुलाल अर्पण की परंपरा निभाई जाती है।
भस्म आरती की दिव्य झलक देखने और बाबा महाकाल का आशीर्वाद पाने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। बसंत के आगमन के साथ बाबा महाकाल के इस वासंती श्रृंगार ने भक्तों को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।





