छत्तीसगढ़

पारदर्शी धान उपार्जन व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत

प्रदेश में लागू पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित धान उपार्जन व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। टोकन प्रणाली, त्वरित नाप-तौल, नमी परीक्षण एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते किसानों को धान विक्रय में अब किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि किसानों का भरोसा भी शासन-प्रशासन पर लगातार मजबूत हो रहा है।

 

बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाबांध के लघु किसान श्री धर्मसाय राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि इस वर्ष अच्छी वर्षा के कारण उनकी फसल बेहतर हुई। उन्होंने लगभग साढ़े चार एकड़ में धान की खेती की, जिससे 98 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। समिति के माध्यम से उनका पहला टोकन 55.20 क्विंटल के लिए मिला और पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।

 

श्री राजवाड़े ने बताया कि शिवपुर धान उपार्जन केंद्र में गेट पास, नमी परीक्षण तथा बारदाना तुरंत उपलब्ध कराया गया। केंद्र में पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था है तथा समिति के कर्मचारियों द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। श्री राजवाड़े ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

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