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1 जनवरी 2026 से लागू हुए बड़े बदलाव: LPG-PNG, कार, UPI और सरकारी योजनाओं का आपकी जेब पर असर

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। इन फैसलों का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ने वाला है। गैस की कीमतों से लेकर कारों के दाम, बैंकिंग-डिजिटल पेमेंट नियम, सिम वेरिफिकेशन और सरकारी योजनाओं तक—कुछ मोर्चों पर राहत है तो कुछ जगह खर्च बढ़ा है।

एलपीजी महंगा, पीएनजी सस्ती
1 जनवरी 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 1580.50 रुपये से बढ़कर 1691.50 रुपये हो गई है। कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में भी दाम बढ़े हैं, जिससे होटल-रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।
वहीं, पीएनजी उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस की कीमतों में प्रति एससीएम 70 पैसे की कटौती की है। दिल्ली में पीएनजी अब 47.89 रुपये प्रति एससीएम हो गई है, जिससे शहरी घरों के बजट पर दबाव कुछ कम होगा।

कार खरीदना हुआ महंगा
नए साल के साथ कारों के दाम भी बढ़ गए हैं। BMW, Renault और Nissan ने अपने मॉडलों की कीमतें 3,000 रुपये से लेकर करीब 3% तक बढ़ाई हैं। अन्य कंपनियों ने भी संकेत दिए हैं, जिससे 2026 मॉडल कारें पिछले साल के मुकाबले महंगी पड़ सकती हैं।

FD, UPI और सिम नियम सख्त
बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़े नियम भी बदले हैं। 1 जनवरी 2026 से UPI और अन्य डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया है, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड रोके जा सकें। साथ ही सिम कार्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कड़ी हो गई है।
राहत की बात यह है कि HDFC Bank, State Bank of India और Punjab National Bank समेत कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है।

पीएम किसान योजना में बदलाव
पीएम किसान सम्मान निधि योजना में भी नए नियम लागू हुए हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब लाभ के लिए यूनिक किसान आईडी जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा, जंगली जानवरों से फसल नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट दर्ज कराने पर मुआवजे का प्रावधान जोड़ा गया है।

आठवां वेतन आयोग लागू
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग औपचारिक रूप से लागू हो गया है। हालांकि, फिलहाल इसका असर प्रक्रियागत है। नई वेतन संरचना और भत्तों की अधिसूचना जारी होने के बाद ही बढ़ा हुआ वेतन और एरियर मिल पाएगा।

कुल मिलाकर, नए साल के साथ आए ये बदलाव कहीं राहत तो कहीं बढ़ा हुआ खर्च लेकर आए हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन नियमों को समझकर अपनी वित्तीय योजना को नए सिरे से तैयार किया जाए।

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