कोलकाता। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 2026 में पश्चिम बंगाल में प्रचंड, दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इस अवसर पर उन्होंने 1943 की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए बताया कि आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था, जो हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
अमित शाह ने कहा कि अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले का समय बेहद अहम है। उन्होंने पिछले 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में भय, भ्रष्टाचार और कुशासन का माहौल बन चुका है, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
विकास, सुरक्षा और घुसपैठ पर जोर
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो राज्य में विकास को नई गति मिलेगी। शाह ने कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए विशेष सुरक्षा ग्रिड बनाए जाएंगे और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर सख्ती से निपटा जाएगा।
चुनावी आंकड़ों से मजबूत आधार का दावा
अमित शाह ने भाजपा के बढ़ते जनाधार का हवाला देते हुए बताया कि 2014 में जहां पार्टी को 17 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में यह बढ़कर 39 प्रतिशत तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि यह रुझान 2026 में सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा करता है।
ममता सरकार पर तीखे आरोप
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज, महिलाओं की सुरक्षा में विफलता और योजनाओं को ठप करने के आरोप लगाए। शाह का कहना था कि बंगाल की अर्थव्यवस्था पिछड़ गई है और विकास का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा।
अंत में अमित शाह ने कहा कि बंगाल में हिंसा और प्रतिशोध की राजनीति का दौर खत्म होगा और 2026 के बाद राज्य में एक नए पुनर्जागरण की शुरुआत होगी।





