छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर का मोबाइल फोन ब्लू डॉट कूरियर के नाम पर आए एक फर्जी कॉल के बाद करीब चार घंटे तक हैक रहा। समय पर सतर्कता और साइबर सेल की मदद से बड़ा आर्थिक नुकसान होने से बच गया।
कूरियर डिलीवरी के बहाने फंसाया
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सभापति सूर्यकांत राठौर को एक फोन आया। कॉलर ने खुद को ब्लू डॉट कूरियर से जुड़ा बताते हुए कहा कि डिलीवरी बॉय को उनका पता नहीं मिल रहा है। इसके बाद एक नंबर भेजकर उस पर कॉल करने को कहा गया। जब कॉल नहीं लगा, तो दोबारा फोन कर यह कहकर गुमराह किया गया कि सही तरीके से नंबर डायल नहीं किया गया और *21 जैसे विशेष डायल कोड के साथ कॉल करने की सलाह दी गई।
जैसे ही बताए गए तरीके से कॉल किया गया, फोन कट गया और उसी क्षण से मोबाइल हैक हो गया। शुरुआत में इसका अंदेशा नहीं हुआ, लेकिन कुछ देर बाद व्हाट्सएप अपने आप चलने लगा, जिससे शक गहराया।
परिचितों से मांगे गए पैसे
मोबाइल हैक होते ही हैकर ने सभापति के व्हाट्सएप और कॉल के जरिए उनके परिचितों से इमरजेंसी का हवाला देकर 65 से 85 हजार रुपये तक की मांग शुरू कर दी। सौभाग्य से किसी ने भी पैसे ट्रांसफर नहीं किए। कुछ रिश्तेदारों को संदेह हुआ और उन्होंने सभापति की पत्नी से संपर्क किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
साइबर सेल ने बचाया
मामले की जानकारी मिलते ही एक परिचित पुलिस अधिकारी की सलाह पर सभापति को तुरंत साइबर थाने भेजा गया। साइबर सेल की टीम ने करीब चार घंटे की मेहनत के बाद मोबाइल को हैकिंग से मुक्त कराया। सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल उनका व्हाट्सएप अकाउंट बंद कर दिया गया है, जबकि सामान्य कॉलिंग सुविधा बहाल कर दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
साइबर सेल ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, डायल कोड या लिंक पर भरोसा न करें। कूरियर, बैंक या केवाईसी के नाम पर आने वाले ऐसे फोन अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।





