बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में NDA की बढ़त पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गिनती पूरी नहीं हुई है, लेकिन जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि यह “करिश्मा” मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का है और ऐसा केवल निर्वाचन आयोग ही कर सकता है। उनका दावा है कि ग्राउंड रिपोर्ट में बदलाव की लहर थी और अमित शाह की सभाओं में भी भीड़ नहीं थी, लेकिन परिणाम इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।
SIR प्रक्रिया का कांग्रेस करेगी विरोध
बघेल ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को गरीबों के लिए परेशानी का विषय बताया। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति फोटो खिंचवाने या अन्य दस्तावेज़ी खर्च का वहन कैसे करेगा। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के चलते गरीब और आदिवासी मतदाताओं के नाम कटने की आशंका है। उन्होंने कहा कि SIR पर आगे की रणनीति कांग्रेस तय करेगी।
चैतन्य बघेल की संपत्ति जब्ती पर सवाल
ED द्वारा उनके बेटे चैतन्य बघेल की संपत्ति जब्त किए जाने पर भी उन्होंने तीखे सवाल उठाए। बघेल का कहना है कि एजेंसियां स्वतंत्र नहीं हैं और सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी करने के 48 घंटे के भीतर ही कार्रवाई हो गई। उनका कहना है कि पैतृक संपत्ति तक जब्त कर ली गई है और छत्तीसगढ़ की धरोहरों तक को सुरक्षित नहीं रखा जा रहा।
मंत्री रामविचार नेताम पर पलटवार
मंत्री नेताम के इस बयान पर कि कांग्रेस “कोचिया” चलाती है, बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि नेताम के ही जिले में धान की कोचियाई होती है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जबकि राज्य की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे।





