भोपाल। मध्य प्रदेश में आम लोगों के सफर को बेहतर और आसान बनाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को जुलाई से लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शीघ्र प्रारंभ की जाए।” योजना के पहले चरण में प्रदेश के 1,164 रूटों पर अगले दो साल के भीतर 5,206 नई बसें चलाई जाएंगी, जिससे शहरों और आसपास के इलाकों में आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।
सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए पूरे प्रदेश को सात बड़े परिवहन क्षेत्रों में बांटा है, जिनमें उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा शामिल हैं। इनमें इंदौर क्षेत्र को सबसे ज्यादा 608 बसें मिलेंगी, जबकि भोपाल क्षेत्र में 398 बसों का संचालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाएगा, ताकि शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिल सके। साथ ही, दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल प्लाजा को हाईटेक बनाने की भी तैयारी है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अलग से “मप्र राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय” बनाया जाएगा। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र अब डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा सरकार जल्द ही ई-डिटेक्शन सिस्टम भी शुरू करेगी, जिसके जरिए कैमरे स्वतः वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान कर सकेंगे। इससे ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।





