वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक बार फिर भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जब मशहूर गायक कैलाश खेर अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने अपने भजनों और गायकी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन संध्या के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा में डूबा नजर आया।
शुक्रवार सुबह आश्रम पहुंचे कैलाश खेर ने सबसे पहले महादेव का प्रसिद्ध भजन ‘बम लहरी’ प्रस्तुत किया। उनके भजन और सुरों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा दरबार शिवमय हो गया। इसके बाद उन्होंने मीराबाई का भजन “पांच बरस की मीरा लाडली सखियों में खेलन जाए री” गाया, भजन गाते समय कैलाश खेर खुद भी भक्ति में लीन नजर आए। वे अपनी जगह पर खड़े होकर झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। उनकी प्रस्तुति से संत प्रेमानंद महाराज भी बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने कैलाश खेर की आवाज और गायकी की जमकर सराहना की।
इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नामजप की महिमा बताते हुए कहा कि जैसे मिश्री शरीर के पित्त को शांत करती है, उसी तरह निरंतर नामजप करने से जीवन के सभी विकार दूर हो जाते हैं और जीवन में अमृत घुल जाता है। कैलाश खेर भी शांत भाव से महाराज की बातें सुनते नजर आए।
प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे कैलाश खेर ने उन्हें एक बहुत ही खूबसूरत उपहार भी दिया। उन्होंने प्रेमानंद महाराज को मोर पंखी माला पहनाते हुए उनका अभिवादन किया। इससे पहले उन्होंने वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी।
प्रेमानंद महाराज और कैलाश खेर की इस भजन संध्या के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग कैलाश खेर की सादगी, भक्ति और आध्यात्मिक भाव की खूब सराहना कर रहे हैं।





