अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी नौसेना को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी का आदेश दिए जाने के बाद वैश्विक राजनीति और आर्थिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत बेनतीजा रहने के बाद ट्रंप के इस आक्रामक फैसले ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है. इसका असर भारतीय शेयर बाजार में दिखा और निफ्टी 0.86% की गिरावट के साथ 23,843 के स्तर पर बंद हुआ. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बाजार ने ईरान युद्ध के झटके को सह लिया है या अभी और बड़ी गिरावट बाकी है?
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, दे वेल्थ कंपनी के एक्सपर्ट अक्षय चिंचलकर का कहना है कि नाकेबंदी के फैसले से वैश्विक तेल सप्लाई चेन पर अभूतपूर्व दबाव बढ़ेगा. बाजार ने अभी तक उस स्तर की दहशत नहीं दिखाई है जिसकी आशंका जताई जा रही थी. रुपया ऐतिहासिक गिरावट के साथ 93 प्रति डॉलर के नीचे चला गया है और बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी है, हालांकि यह अभी 7% के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे ही टिकी हुई है.




