भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे जासूसी के दो बड़े मॉड्यूल को पकड़ा है. इन मॉड्यूलों ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की सीमा क्षेत्रों में सेना की महत्वपूर्ण जगहों के पास सोलर पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाकर जासूसी की थी. घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि इन मॉड्यूलों में 30 से ज्यादा युवाओं को शामिल किया गया था. मार्च महीने में गाजियाबाद पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने पहला मॉड्यूल पकड़ा था. इसके बाद इस महीने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दूसरा मॉड्यूल बेनकाब किया. कुल 11 दिल्ली और पंजाब के थे.
न्यूज 18 अंग्रेजी के अनुसार जांच में पता चला कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलर सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार या आर्थिक तंगी में परेशान युवाओं को टारगेट करते थे. उन्हें रुपए देने का लालच देकर पहले हथियार सप्लाई और ड्रग्स तस्करी जैसे काम करवाते थे. बाद में उन्हें संवेदनशील जगहों पर सोलर पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहते थे. ये कैमरे सेना की छावनियों, रेलवे ट्रैक और बॉर्डर क्षेत्रों के पास लगाए गए थे. कैमरों का लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजा जा रहा था. इनकी मदद से सैनिकों की आवाजाही, वाहनों की गतिविधि और सुरक्षा बलों की जानकारी जुटाई जा रही थी. दिल्ली कैंटोनमेंट, सोनीपत रेलवे ट्रैक और पंजाब-राजस्थान बॉर्डर के पास कुल नौ सोलर सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए.
खुलासा होने के बाद केंद्र सरकार ने पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि महत्वपूर्ण इंस्टॉलेशन्स के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की तुरंत जांच करे. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पहले की तरह जासूसी करने के बजाए टेक्नोलॉजी अपनाकर कराया जा रहा है, जो पहले से ज्यादा खतरनाक हैं. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. साथ ही आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स की पहचान करने की कोशिश कर रही है.




