छत्तीसगढ़

जैनम मानस भवन में भागवत कथा का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया महामंडलेश्वर जी ने

जिन्हहि बिरचि बड़ भयउ विधाता -राजेश्री महन्त जी

दिन सोमवार को अपराह्न 3:30 बजे जैनम मानस भवन में महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने लोहाणा महाजन रायपुर द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया। इसके पूर्व उन्होंने व्यास पीठ पर विराजित मुंबई निवासी आचार्य नरेश भाई राजगुरु जी का शाल, श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। आचार्य जी ने भी अंग वस्त्र भेंट करके अभिवादन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित स्रोताओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- व्यास पीठ पर विराजित आचार्य जी के मुखारविंद से इससे पहले भी राजनादगांव में कथा श्रवण करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है, छत्तीसगढ़ की धरती को भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका होने का गौरव प्राप्त है, माता कौशल्या और महाराज दशरथ के संदर्भ में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने यहां तक लिखा कि *जिन्हहि बरचि बड़ भयउ विधाता। महिमा अवधि राम पितु माता।।* अर्थात इन्हें जन्म देकर, उनकी रचना करके भगवान ब्रह्मा जी ने भी अपने आप को सौभाग्यशाली समझा और बड़ाई प्राप्त की। आज उस धरती पर राजगुरु भाई जी हम सबको कथा सुनने के लिए यहां पहुंचे हैं यह परम हर्ष का विषय है। उन्होंने आयोजक परिवार को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। आचार्य जी ने व्यास पीठ की आसंदी से कहा कि- श्री दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर महन्त जी महाराज शालीनता एवं सरलता के प्रतिमूर्ति हैं, इनके जैसे संत -महात्माओं के आगमन से निश्चित रूप से यह आयोजन पूर्णतः सफल हो गया। उल्लेखनीय है कि लोहाणा महाजन परिवार के द्वारा राजेश्री महन्त जी का स्मृति चिन्ह एवं साल श्री फल भेंट करके स्वागत किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से हरेश प्रागट (डादव )गुजरात, लोहाणा महाजन के अध्यक्ष किशन भाई मिरानी व पीआरओ प्रकाश पारपाणी, हितेश रायचोरा, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित आयोजन समिति के सभी पदाधिकारी एवं श्रद्धालु भक्तगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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