भोपाल के एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही ने एक तीन वर्षीय बच्चे की जान ले ली। जांच में सामने आया है कि मेडिकल प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाला फॉर्मेलिन गलती से बच्चे की आईवी लाइन के जरिए शरीर में पहुंच गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, बीना निवासी 3 वर्षीय बच्चे को इलाज के लिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। वर्ष 2025 में उपचार के दौरान बोन मैरो जांच के लिए उपयोग में लाया जाने वाला फॉर्मेलिन गलत तरीके से बच्चे को लगा दिया गया। फॉर्मेलिन का उपयोग आमतौर पर सैंपल को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है, लेकिन जांच रिपोर्ट के मुताबिक यह पदार्थ बच्चे के शरीर में पहुंच गया था।
पोस्टमार्टम और विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि उपचार के दौरान हुई लापरवाही ही बच्चे की मौत का प्रमुख कारण बनी। रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
घटना के संबंध में बागसेवनिया थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी मेडिकल काउंसिल को भी भेजी जा रही है, ताकि जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था और उपचार प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।





