छत्तीसगढ़ में मार्च के साथ ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। कुछ दिन पहले राजनांदगांव में पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया था, जबकि फिलहाल अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है, इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
शुक्रवार को ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश दर्ज की गई। रायपुर, गरियाबंद, दुर्ग और मुंगेली जैसे क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मौसम आने वाले एक सप्ताह तक बना रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिक बीके चिंधालोरे ने बताया कि अभी ओडिशा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ का अधिकतम 35 से 38 डिग्री के मध्य बना हुआ है। आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवा और हल्की बौछारें पड़ी है। इसकी वजह ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सरकुलेशन के साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा है। उत्तर छत्तीसगढ़ में राजस्थान की ओर से उत्तर पश्चिम की ओर से हवा आ रही है। दोनों का मिलाप छत्तीसगढ़ के ऊपर हो रहा है, जिसकी वजह से दोपहर के बाद छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
“छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने का एक निश्चित टाइम दोपहर 2:00 बजे के बाद होता है। मार्च अप्रैल और मई का महीना प्री मानसून महीना कहलाता है। तीन महीने के दौरान गरज चमक और बारिश के साथ तेज हवा कामन एक्टिविटी होती है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर या फिर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। ऐसी स्थिति में कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना रहती है- बीके चिंधालोरे, मौसम वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर”
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल अगले चार दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।




